रायपुर में पेड न्यूज के 20 मामले
रायपुर | संवाददाता : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पेड न्यूज के 20 मामले सामने आये हैं. इनमें अधिक 16 मामले भाजपा प्रत्याशी के हैं.
राज्य चुनाव आयोग ने इनमें से अधिकांश मामलों को गंभीर मानते हुये अपील खारिज कर दी है.
गौरतलब है कि चुनाव आयोग के जून 2010 के एक परिपत्र के अनुसार आयोग ने प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ख़तरे के निशान की तरफ बढ़ते पेड न्यूज़ की प्रथा को ख़त्म करने के लिए मौजूदा क़ानूनी प्रावधानों का अधिकतम इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है.
चुनाव आयोग ने इन पेड न्यूज का खर्च प्रत्याशी के खाते में जोड़ने के निर्देश दिये हैं.
जिन अखबारों को पेड न्यूज के लिये दोषी माना गया है, उनमें पयोनियर, दबंग दुनिया, अमृत संदेश, हरिभूमि, नवभारत आदि शामिल हैं. इनमें से अधिकांश की अपील राज्य चुनाव आयोग ने खारिज कर दी है.
हालांकि एकाध खबरों को छोड़ दिया जाये तो अधिकांश खबरें प्रेस विज्ञप्ति की तरह की हैं. य़ही कारण है कि चुनाव आयोग के निर्णय को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं.
प्रति 100 रुपये में राज्यों को कितना वापस मिलता है?
| आंध्रप्रदेश | 46.0 |
| अरुणाचल प्रदेश | 4863.7 |
| असम | 354.6 |
| बिहार | 922.5 |
| छत्तीसगढ़ | 282.3 |
| गोवा | 86.4 |
| गुजरात | 31.3 |
| हरियाणा | 18.6 |
| हिमाचल प्रदेश | 174.2 |
| झारखंड | 303.3 |
| कर्नाटक | 13.9 |
| केरल | 63.4 |
| मध्यप्रदेश | 279.1 |
| महाराष्ट्र | 7.7 |
| मणिपुर | 1484.9 |
| मेघालय | 464.9 |
| मिजोरम | 3583.2 |
| नागालैंड | 1252.5 |
| ओडिशा | 187.3 |
| पंजाब | 72.9 |
| राजस्थान | 154.1 |
| सिक्किम | 651.7 |
| तमिलनाडु | 29.7 |
| तेलंगाना | 49.8 |
| त्रिपुरा | 1077.0 |
| उत्तरप्रदेश | 333.2 |
| उत्तराखंड | 171.3 |
| पश्चिम बंगाल | 90.2 |
